नेपाल में आई बाढ़ की वजह से ईशा फाउंडेशन के 77 लोग लापता हो गए हैं. इससे जुड़ा एक वीडियो भी सामने आया है. सदगुरु ने एक्स पर पोस्ट करते हुए जानकारी दी है. उन्होंने कहा कि टीम तिब्बत में कैलाश मानसरोवर से लौटते समय इमिग्रेशन ऑफिस पर थी.
सद्गुरु जग्गी वासुदेव ने पोस्ट करते हुए बताया कि तिब्बत में गियिरोंग (Gyirong) में अचानक भयानक बाढ़ आ गई है और हमारा एक कैलाश यात्रा ग्रुप इसकी चपेट में आ गया है. जब बाढ़ आई, तो वे लौटते समय इमिग्रेशन ऑफिस में थे. ऐसा लगता है कि बिल्डिंग और शहर का ज्यादातर हिस्सा बाढ़ की चपेट में आ गया है. इमिग्रेशन ऑफिस में मौजूद लोगों के बारे में अभी तक कोई आधिकारिक जानकारी नहीं मिली है. हम अधिकारियों के साथ मिलकर यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि क्या हम उस जगह तक पहुंच सकते हैं और किसी भी जोखिम की परवाह किए बिना बचाव कार्यों में मदद के लिए तैयार हैं.
उन्होंने बताया, 'हमारी यात्रा में शामिल 21 ग्रुप्स में से 495 लोग सुरक्षित लौट चुके हैं. अभी 743 लोग तिब्बत में हैं. 148 लोग नेपाल में हैं. 77 लोग इमिग्रेशन सेंटर पर थे और 3 वॉलंटियर नेपाल के तिमुरे (Timure) में हैं.'
A terrible and tragic flash flood has taken place at Gyirong in Tibet - China, and one of our Kailash groups was caught in it. While on their way back, they were at the immigration office when the flood occurred and the building and much of the town seems to have been flooded.… pic.twitter.com/CqOBxsPlWo
— Sadhguru (@SadhguruJV) August 26, 2026
बता दें, तिब्बत से सटे रासुवा जिले में बाढ़ से 95 लोगों की मौत हो चुकी है. बाढ़ ने आसपास के गांवों को अपनी चपेट में ले लिया है. पुल और घर बह गए हैं.
फिलहाल इमिग्रेशन में मौजूद लोगों की कोई जानकारी नहीं
आध्यत्मिक गुरु ने अफसोस जताते हुए कहा, 'इमिग्रेशन में मौजूद लोगों के बारे में अभी कोई आधिकारिक जानकारी नहीं है. उनके वॉलंटियर और सपोर्ट टीमें बहुत परेशान हैं. रेस्क्यू ऑपरेशन में मदद करने की पूरी कोशिश कर रहे हैं.'
उन्होंने कहा, 'हम अधिकारियों से मिलकर यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि क्या हम उस जगह तक पहुंच सकते हैं. रेस्क्यू कार्यों में मदद के लिए तैयार हैं. इसमें कितना भी जोखिम क्यों न हो.'
माना जा रहा है कि इमिग्रेशन ऑफिस में मौजूद 77 लोग उन 105 भारतीय कैलाश यात्रियों में शामिल हैं. इनके लापता होने की सूचना नेपाल टूरिज्म बोर्ड ने दी थी. इसके अलावा एक बयान में बताया कि बाढ़ प्रभावित इलाके में कम से कम 384 यात्री संपर्क से बाहर हो गए थे. इनमें 291 विदेशी और 93 नेपाली नागरिक शामिल हैं.
सदगुरु ने कहा, 'हमारे ग्रुप के लोगों और इस इलाके में प्रबावित हुए सैकड़ों अन्य लोगों के परिवारों और प्रियजनों के साथ मेरी संवेदना है. इस बेहद मुश्किल समय में हम हर संभव कोशिश कर रहे हैं. मैं खुद उस इलाके मे मौजूद हूं, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके, कि मौजूदा हालात में जो सबसे अच्छा हो सकता है. वह किया जाए.'
स्रोत: ABP Hindi