
उमरी बेगमगंज गोंडा । घाघरा नदी ने अब धीरे-धीरे विकराल रूप धारण करना शुरू कर दिया है। नदी के बढ़ते जलस्तर के चलते ऐली परसौली के 23 मजरे पूरी तरह बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। चारों तरफ पानी ही पानी नजर आ रहा है। बाढ़ का पानी लोगों के घरों में घुसने से जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। ग्रामीणों को जुगाड़ के सहारे अपने परिवार और गृहस्थी को सुरक्षित रखने की जद्दोजहद करनी पड़ रही है।
बाढ़ की स्थिति का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि ऐली परसौली के 23 मजरों में करीब 860 परिवार और लगभग 4,575 की आबादी प्रभावित हुई है। वहीं गढ़ी की करीब 2,000 आबादी, जबरनगर की 1,500 आबादी तथा परास मझवार की करीब 700 आबादी भी बाढ़ के पानी से घिरी हुई है।
बाढ़ के पानी ने किसानों की चिंता भी बढ़ा दी है। खेतों में खड़ी धान की फसलें पानी में डूब गई हैं और लगातार जलभराव के चलते इनके बर्बाद होने का खतरा मंडरा रहा है। वहीं मवेशियों के लिए चारे का संकट भी गहराने लगा है। ग्रामीण किसी तरह चारे और जरूरी सामान की व्यवस्था कर रहे हैं।
घर-घर पहुंचाया जा रहा भोजन--
बाढ़ की गंभीर स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने बाढ़ चौकियों को अलर्ट कर दिया है। अधिकारी लगातार बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर स्थिति का जायजा ले रहे हैं। ऐली परसौली स्थित बाढ़ केंद्र पर बाढ़ पीड़ितों के लिए भोजन की व्यवस्था की गई है। लंच पैकेट तैयार कर घर-घर पहुंचाए जा रहे हैं,
इन मजरों में पहुंचा बाढ़ का पानी--
ऐली परसौली के बिहारीपुरवा, डिवहारथान, गोड़ियाना, दछिड़ी माझा, जगपतपुरवा, मालीपुरवा समेत कुल 23 मजरे बाढ़ की चपेट में हैं। ग्रामीणों का कहना है कि पानी लगातार बढ़ रहा है और यदि जलस्तर मे और वृद्धि हुई तो हालात और गंभीर हो सकते हैं। प्रशासन की ओर से राहत और बचाव व्यवस्था को सक्रिय कर दिया गया है।
घाघरा ने बरपाया कहर बाढ़ की चपेट में ऐली परसौली के दो दर्जन गांव मुश्किलों का अंबार
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