करनैलगंज गोण्डा। राजस्व और रजिस्ट्री महकमे की मिलीभगत का जीता-जागता उदाहरण कर्नलगंज तहसील में सामने आया है। यहां आरोप है कि फर्जी दस्तावेजों के सहारे एक किसान की करोड़ों की कृषि भूमि हड़प ली गई और जिम्मेदार विभागों को इसकी भनक तक नहीं लगी।
ग्राम बीरपुर कटरा निवासी जयप्रकाश तिवारी की करीब 1.388 हेक्टेयर कृषि भूमि का 3 जून 2025 को फर्जी तरीके से बैनामा करा दिया गया। आरोप है कि रजिस्ट्री के समय असली भूमिधर जयप्रकाश की जगह किसी अन्य व्यक्ति को पेश किया गया और कूटरचित अभिलेखों के आधार पर धोखाधड़ी से रजिस्ट्री कर ली गई।
पीड़ित को इस फर्जीवाड़े की जानकारी 17 फरवरी 2026 को तहसील से खतौनी निकलवाने पर हुई। अगले दिन 18 फरवरी को उन्होंने कोतवाली कर्नलगंज में तहरीर दी, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। आखिरकार पीड़ित को न्याय के लिए पुलिस अधीक्षक के चौखट पर जाना पड़ा।
एसपी के निर्देश पर कर्नलगंज कोतवाली पुलिस ने सुशील कुमार शुक्ल, जनकराज, वीरेन्द्र कुमार, एसके सिंह एडवोकेट और तत्कालीन प्रभारी उप निबंधक अब्दुल लतीफ समेत 6 के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
कोतवाल नरेन्द्र प्रताप राय ने बताया कि मामले की गहनता से विवेचना की जा रही है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर अग्रिम विधिक कार्रवाई की जाएगी।
सिस्टम पर उठ रहे गंभीर सवाल- बिना मूल मालिक की मौजूदगी और पहचान के रजिस्ट्री कैसे हो गई।18 फरवरी की तहरीर पर 1 महीने तक एफआईआर क्यों नहीं दर्ज हुई। राजस्व विभाग को फर्जी बैनामे की जानकारी समय रहते क्यों नहीं हुई। इस घटना ने एक बार फिर रजिस्ट्री और राजस्व विभाग की कार्यशैली पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
भूमि बैनामे में बड़े फर्जीवाड़े का भंडाफोड़ एडवोकेट उप निबन्धक समेत 6 पर दर्ज हुआ मुकदमा
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