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एसपी ने की अपराध समीक्षा गोष्ठी अपराध नियंत्रण एवं बेहतर पुलिसिंग के दिए दिशा निर्देश



गोण्डा। आज दिनांक 27.08.2026 को पुलिस अधीक्षक अभिषेक झा द्वारा  पुलिस लाइन सभागार कक्ष में जनपद की मासिक अपराध समीक्षा गोष्ठी आयोजित की गई। गोष्ठी में जनपद के समस्त राजपत्रित अधिकारी एवं समस्त थाना प्रभारी उपस्थित रहे। पुलिस अधीक्षक द्वारा उपस्थित अधिकारियों एवं थाना प्रभारियों से परिचय प्राप्त करते हुए जनपद में अपराध नियंत्रण, कानून-व्यवस्था, जनसुनवाई एवं पुलिसिंग व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा की गई तथा आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

 गोष्ठी के दौरान पुलिस अधीक्षक द्वारा लंबित विवेचनाओं की समीक्षा करते हुए सभी थाना प्रभारियों को विवेचनाओं का प्राथमिकता के आधार पर समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि विवेचनाओं में अनावश्यक विलंब न हो तथा प्रत्येक प्रकरण में साक्ष्यों के आधार पर निष्पक्ष एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। महोदय ने थाना स्तर पर जनसुनवाई के स्तर को और बेहतर बनाने पर विशेष जोर दिया साथ ही निर्देशित किया कि थाने पर आने वाले प्रत्येक फरियादी की शिकायत को गंभीरता एवं संवेदनशीलता से सुना जाए तथा शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। शिकायतकर्ता को अनावश्यक रूप से थाने के चक्कर न लगाने पड़ें तथा जनसुनवाई की नियमित समीक्षा की जाए। 

साथ ही पुलिस अधीक्षक द्वारा अधीनस्थ नियुक्त पुलिस कर्मियों की समस्याओं को भी प्राथमिकता से सुनने एवं उनके निराकरण पर विशेष बल दिया गया। उन्होंने निर्देशित किया कि थाना प्रभारी एवं राजपत्रित अधिकारी अपने अधीनस्थ पुलिसकर्मियों से नियमित संवाद स्थापित करें, उनकी व्यक्तिगत एवं विभागीय समस्याओं को गंभीरता से सुनें तथा नियमानुसार उनका यथासंभव शीघ्र समाधान सुनिश्चित करें। पुलिसकर्मियों के कल्याण एवं बेहतर कार्य वातावरण को प्रभावी पुलिसिंग का महत्वपूर्ण हिस्सा बताते हुए आपसी समन्वय एवं टीम भावना के साथ कार्य करने के निर्देश दिए गए। यूपी-112 के रिस्पांस टाइम’’ की समीक्षा करते हुए पुलिस अधीक्षक ने आपातकालीन कॉल पर पुलिस की त्वरित पहुंच सुनिश्चित करने तथा रिस्पांस टाइम में निरंतर सुधार लाने के निर्देश दिए। पीआरवी वाहनों की उपलब्धता एवं लोकेशन पर प्रभावी निगरानी रखने तथा आवश्यकता वाले क्षेत्रों में तत्काल पुलिस सहायता उपलब्ध कराने को कहा गया।

 अपराध नियंत्रण के दृष्टिगत रात्रि गश्त एवं पेट्रोलिंग बढ़ाने के निर्देश दिए गए। संवेदनशील एवं चिन्हित स्थानों, बाजारों, कस्बों, मुख्य मार्गों एवं अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों में पुलिस बल की प्रभावी मौजूदगी सुनिश्चित करने तथा रात्रि गश्त के दौरान संदिग्ध व्यक्तियों एवं वाहनों की चेकिंग करने के निर्देश दिए गए। पुलिस अधीक्षक द्वारा चोरी की घटनाओं की रोकथाम के लिए विशेष सतर्कता बरतने तथा चोरी की घटनाओं से प्रभावित एवं चिन्हित हॉटस्पॉट क्षेत्रों में नियमित गश्त एवं चेकिंग बढ़ाने के निर्देश दिए। पूर्व में हुई चोरी की घटनाओं के अनावरण के लिए प्रभावी प्रयास करने तथा चोरी की घटनाओं में संलिप्त रहे अपराधियों की गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखने को कहा गया। अपराधियों पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए ’’गैंगस्टर एक्ट एवं गुण्डा एक्ट के अंतर्गत प्रभावी वैधानिक कार्रवाई’’ करने के निर्देश दिए गए। 

सक्रिय एवं आदतन अपराधियों को चिन्हित कर उनके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करने तथा क्षेत्र में अपराध एवं भय का वातावरण उत्पन्न करने वाले व्यक्तियों पर सतत निगरानी रखने को कहा गया। गोष्ठी में गैंगचार्ट एवं हिस्ट्रीशीटरों की निगरानी की भी समीक्षा की गई। पुलिस अधीक्षक द्वारा निर्देशित किया कि गैंगचार्ट तैयार करते समय सभी आवश्यक तथ्यों एवं अभिलेखों का गहन परीक्षण किया जाए तथा हिस्ट्रीशीटरों का नियमित सत्यापन कर उनकी वर्तमान गतिविधियों की जानकारी रखी जाए। आपराधिक गतिविधियों में पुनः सक्रिय पाए जाने वाले अपराधियों के विरुद्ध नियमानुसार प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। आईजीआरएस शिकायतों के निस्तारण की समीक्षा करते हुए पुलिस अधीक्षक महोदय द्वारा शिकायतों का समयबद्ध, निष्पक्ष एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शिकायतों का निस्तारण केवल औपचारिकता तक सीमित न रहे, बल्कि शिकायत की वास्तविक स्थिति का परीक्षण कर प्रभावी कार्रवाई की जाए। 

अवैध गतिविधियों की रोकथाम के दृष्टिगत शराब की दुकानों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की कार्यशीलता’’ सुनिश्चित करने तथा संबंधित विभाग एवं दुकान संचालकों से समन्वय स्थापित कर नियमित निगरानी करने के निर्देश दिए गए। शराब की दुकानों एवं उनके आसपास होने वाली संदिग्ध गतिविधियों पर विशेष नजर रखने तथा आवश्यकता के अनुसार चेकिंग करने को कहा गया। पुलिस अधीक्षक द्वारा जनपद के विभिन्न थाना क्षेत्रों में चेकिंग अभियान को और अधिक प्रभावी एवं सघन बनाने के निर्देश दिए। मुख्य मार्गों, बाजारों, संवेदनशील स्थानों एवं अन्य चिन्हित क्षेत्रों में संदिग्ध व्यक्तियों एवं वाहनों की चेकिंग करते हुए अपराध नियंत्रण की दिशा में प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया। 

बॉर्डर एरिया में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश देते हुए पुलिस अधीक्षक द्वारा पिकेट एवं बैरियर व्यवस्था को और सुदृढ़ करने तथा संदिग्ध वाहनों एवं व्यक्तियों की प्रभावी चेकिंग सुनिश्चित करने को कहा। सीमावर्ती जनपदों के पुलिस अधिकारियों से आवश्यक समन्वय स्थापित कर अपराधियों की आवाजाही पर प्रभावी नियंत्रण रखने के निर्देश दिए गए। पुलिस अधीक्षक द्वारा ’’डिजिटल पुलिसिंग’’ को बढ़ावा देने पर विशेष बल दिया गया। पुलिसिंग में उपलब्ध डिजिटल प्लेटफॉर्म एवं तकनीकी संसाधनों का अधिकतम उपयोग करने, आवश्यक सूचनाओं एवं अभिलेखों को अद्यतन रखने तथा तकनीक के माध्यम से अपराधियों की पहचान, निगरानी एवं अपराध नियंत्रण की कार्रवाई को और प्रभावी बनाने के निर्देश दिए गए।

 इसके अतिरिक्त ’’वांछित एवं सक्रिय अपराधियों की गिरफ्तारी, लंबित अभियोगों के अनावरण, निरोधात्मक कार्रवाई एवं कानून-व्यवस्था’’ की स्थिति की भी समीक्षा की गई। पुलिस अधीक्षक द्वारा सभी थाना प्रभारियों को निर्देशित किया कि अपराध एवं अपराधियों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई करते हुए अपने-अपने थाना क्षेत्रों में लगातार भ्रमणशील रहें तथा किसी भी सूचना पर त्वरित एवं विधिक कार्रवाई सुनिश्चित करें। अंत में पुलिस अधीक्षक द्वारा बैठक में दिए गए निर्देशों का ’’अक्षरशः अनुपालन सुनिश्चित करने एवं उनकी नियमित समीक्षा’’ करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने सभी अधिकारियों एवं थाना प्रभारियों को अपराध नियंत्रण, कानून-व्यवस्था, जनसुनवाई, पुलिसकर्मियों के कल्याण एवं बेहतर पुलिसिंग को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए पूरी तत्परता एवं टीम भावना के साथ कार्य करने के निर्देश दिए।