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Death

नेपाल बाढ़: इस घर की बालकनी में फँसे लोगों का क्या हुआ?

✍️ Admin 📅 29 August, 2026 ⏰ 01:10 PM 👁 14 views

नेपाल में बुधवार को आई भीषण बाढ़ की अब भयावह तस्वीरें और वीडियो क्लिप सामने आ रहे हैं. सोशल मीडिया पर आ रही तस्वीरों और वीडियो से पता चलता है कि नेपाल-तिब्बत सीमा पर आई बाढ़ का कहर किस कदर लोगों पर बरपा है. इन वीडियो में दिख रहा है कि बाढ़ का पानी और मलबा एक के बाद एक इलाक़ों को बहाते जा रहे हैं. पक्के मकानों को बाढ़ का पानी तिनके की तरह बहाता दिख रहा है. लेकिन इन ख़ौफनाक वीडियो के बीच एक वीडियो ख़ासा वायरल हो रहा है. बीबीसी वेरिफ़ाई के मुताबिक़ ये वीडियो क्लिप त्रिशूली नदी से सटे इलाक़े का है. बीबीसी वेरिफ़ाई ने इस मकान का वीडियो साझा करते हुए लिखा है कि तब ये लोग इस घर में फँसे हुए थे. बीबीसी वेरिफ़ाई इन लोगों की पहचान नहीं बताई है. लेकिन उसने वीडियो साझा करते हुए बताया है कि इस दौरान ये परिवार किसी तरह बचा रहा. इस बीच कोई इस घर की छत पर मदद के लिए लाल दुपट्टा लहरा रहा था. सैलाब थमने के बाद लोग मदद के लिए पहुंचे. वीडियो में कम से कम तीन लोग दिखाई दे रहे हैं एक पुरुष, एक महिला और एक बच्चा, जो संभवतः छोटी लड़की है. ये लोग घर की दूसरी मंज़िल की बालकनी जैसी जगह पर फंसे हुए दिखाई दे रहे हैं. उनके चारों ओर कीचड़ का सैलाब घूम रहा है. उसके साथ बड़े-बड़े पत्थर, मलबा और एस्बेस्टस की चादरें बह रहे हैं. ये चीज़ें लगातार उस घर से टकरा रही हैं, जो अब भी खड़ा है, और उसे भी अपने साथ बहा ले जाने को उतारू है. इस बीच, घर के लोग बेबस बालकनी में खड़े नज़र आ रहे हैं. एक महिला मकान की छत पर पहुंचकर मदद के लिए लाल दुपट्टा लहराती दिख रही है. सोशल मीडिया पर लोग इस वीडियो पर प्रतिक्रिया दे रहे हैं. देश - दुनिया की बड़ी ख़बरें जिन्होंने बटोरी सुर्खियां. अंतरराष्ट्रीय मामलों के विश्लेषक एरिक चेन ने इस वीडियो के फुटेज को शेयर करते हुए लिखा है, ''यह हाल में देखा गया सबसे हताश करने वाला दृश्य है. एक घर उस तेज़ बहाव के बीच अब भी खड़ा है, जिसने उसके आसपास की हर चीज़ को मिटा दिया है.'' ''लोग बालकनी और छत पर किसी तरह टिके हुए हैं, जबकि कीचड़, बर्फ़, चट्टानों और पानी की बड़ी लहर नेपाल-तिब्बत की इस घाटी को चीरती हुई आगे बढ़ रही है. वे सिर्फ़ आंकड़े नहीं हैं. यह एक परिवार है, जो यह जानने का इंतज़ार कर रहा है कि पानी की अगली लहर उनके पास बची आख़िरी सुरक्षित जगह को भी बहा ले जाएगी या नहीं. दुआ है कि वे ज़िंदा रहें. दुआ है कि बचावकर्मी पानी की एक और लहर आने से पहले उन तक पहुँच जाएं.'' ''इस फुटेज को असहनीय बनाने वाली बात सिर्फ़ प्रकृति की ताक़त नहीं है. नेपाली पक्ष की रिपोर्टों के मुताबिक़, यह बाढ़ का तेज़ बहाव तिब्बत की तरफ़ ल्हेन्दे-भोटेकोशी नदी से शुरू हुआ, जहां ग्लेशियर के टूटने के बाद मलबा नदी में जा गिरा. निचले इलाक़ों में रहने वाले लोगों का कहना है कि उन्हें चीनी अधिकारियों की तरफ़ से समय पर कोई आधिकारिक चेतावनी नहीं मिली. बीजिंग से पहले स्थानीय लोगों ने ख़तरे की सूचना दी. त्रिशूली नदी का जलस्तर क़रीब 30 मिनट में नौ मीटर तक बढ़ गया. यही आधा घंटा किसी के सुरक्षित जगह तक पहुँचने और बालकनी पर फँसकर दुनिया को अपनी आंखों के सामने मिटते देखने के बीच का फ़र्क़ है.'' ''चीन ने बाद में समय पर चेतावनी देने में किसी नाकामी से इनकार किया और कहा कि बर्फ़ और चट्टानों का हिमस्खलन इतना अचानक हुआ कि नदी के गेज भी उसे मुश्किल से पकड़ पाए. फिर यह बताया जाना चाहिए कि 2025 में इसी नदी में आई बाढ़ के बाद जिस सीमा-पार पूर्व चेतावनी प्रणाली पर चर्चा हुई थी, वह इस बार बाढ़ आने तक भी समझौते के रूप में लागू क्यों नहीं हो पाई? ऊपर की तरफ से आने वाली ख़ामोशी कोई तकनीकी मामूली बात नहीं है. यह उन लोगों से छीने गए मिनट हैं, जिनके पास बचने के लिए कहीं जाने का समय नहीं था.'' ''सैकड़ों लोग मारे गए हैं. एक हज़ार से अधिक लोग अब भी लापता हैं, जिनमें विदेशी तीर्थयात्री और ट्रेकर्स भी शामिल हैं. जो घर गिरने से बच गया, वह कोई चमत्कार की कहानी नहीं है. वह ज़िदगी और नदी के बीच बची एक बेहद पतली आख़िरी रेखा है. दुआ है कि वह परिवार अब भी उसी पर सुरक्षित हो.'' बुधवार को नेपाल में आई बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढ़कर 616 हो गई है. नेपाल पुलिस ने इसकी जानकारी दी है. इससे पहले मौतों का आंकड़ा 579 बताया गया था. वहीं चीनी सरकारी मीडिया के मुताबिक़, तिब्बत में मरने वालों की आधिकारिक संख्या बढ़कर सात हो गई है और 554 लोग अभी भी लापता हैं. नेपाल में बाढ़ के बाद अंतरराष्ट्रीय राहत एजेंसियों और कई देशों की सरकारों ने आपात राहत और बचाव का काम तेज़ कर दिया है. बाढ़ के बाद नेपाल में करीब 2,000 लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं. यूरोपीय संघ, कनाडा और अमेरिका समेत कई देशों ने नेपाल को राहत सामग्री या आर्थिक मदद देने का एलान किया है. संयुक्त राष्ट्र के एक प्रवक्ता के मुताबिक, दस हज़ार से ज़्यादा परिवारों को खाने-पीने की चीज़ें और साफ पीने के पानी की तत्काल ज़रूरत है. बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित. BBC World Service के नए ऐप को डाउनलोड करें BBC News हिन्दी को चुनें और पाइए न्यूज़ अलर्ट, लाइव टीवी, पॉडकास्ट... सब एक जगह कृपया नोट करें: नया ऐप ब्रिटेन और अमेरिका में उपलब्ध नहीं है.

स्रोत: BBC Hindi

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